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बोतल से दूध पिलाना शिशॠके जीवन से खिलवाड़
कà¥à¤¯à¤¾ आप चाहती है कि आपका शिशॠसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहे? यदि हां तो इसके लिठआपको सबसे पहले अपने नवजात लाडले या लाडली को बोतल से दूध पिलाना बंद करना होगा। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाली आधी से अधिक बीमारियां बोतल से दूध पिलाने से होती है।
सामानà¥à¤¯ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के बाल रोग विशेषजà¥à¤ž डा. शà¥à¤ जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤•ाश का कहना है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बोतल से दूध पिलाना खतरनाक है। लगातार बदल रहे परिवेश खासतौर से आधà¥à¤¨à¤¿à¤• माताà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से परहेज करती है। शहरों में अधिकतर माताà¤à¤‚ नवजात शिशॠको बोतल से दूध पिलाना ही अधिक पसंद करती है। बोतल में दूध पिलाने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कई तरह की बीमारियां घर कर लेती है। बोतल में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ होते है और अतिसार उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते है। बोतल का दूध पिलाने से बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¥€, दसà¥à¤¤, निमोनिया आदि से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकता है। इससे शिशॠकी जान à¤à¥€ जा सकती है। नवजात शिशà¥à¤“ं के लिठमां का दूध ही सबसे बेहतर होता है। मां के दूध के सेवन से बचà¥à¤šà¥‡ की रोगों से लड़ने की शकà¥à¤¤à¤¿ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती है लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° माताà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के लिठबजाय बोतल से दूध पिलाना पसंद करती है। यदि किसी कारण से मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध नहीं उतर रहा है तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कटोरी में दूध डालकर बचà¥à¤šà¥‡ को चमà¥à¤®à¤š से दूध पिलाना चाहिà¤à¥¤ डा. शà¥à¤ जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ ने कहा कि वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में मातृतà¥à¤µ की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ à¤à¥€ बदल रही है। यही कारण है कि माताà¤à¤‚ खà¥à¤¦ को फिट रखने के लिठअपने शिशॠको बोतल से दूध पिलाती है। à¤à¤¸à¥€ माताओं को अपनी आदत में बदलाव लाने की जरूरत है तà¤à¥€ वे अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रख सकती है। इसके लिठमहिलाओं में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है और यह समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ की जरूरत है कि उसके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठमां के दूध से बेहतर ओर कà¥à¤› नहीं है।
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